लाइन डाइवर्जन प्रबंधन प्रणाली

देश के विभिन्न हिस्सों में NHAI, हवाई अड्डों, भारतीय रेलवे, रक्षा, खनन, सिंचाई विभाग और राज्य विभागों आदि की कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं के रास्ते में पावरग्रिड  की ट्रांसमिशन लाइनें आ सकती हैं, जिसके कारण इन मौजूदा ट्रांसमिशन लाइनों को डायवर्ट करना आवश्यक हो जाता है।

यह सिस्टम परियोजना डेवलपर्स की सुविधा के लिए बनाया गया है, जो अब इस डैशबोर्ड सॉफ़्टवेयर ('लाइन डायवर्जन मैनेजमेंट सिस्टम') के माध्यम से अपनी ट्रांसमिशन लाइन डायवर्जन का आवेदन जमा कर सकते हैं। इससे परियोजना को पूरा करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी।

पावरग्रिड द्वारा ट्रांसमिशन लाइनों का डायवर्जन दो तरीकों से किया जाता है:

  1. परियोजना डेवलपर द्वारा, पावरग्रिड की देखरेख में ट्रांसमिशन लाइन का डायवर्जन। इसके लिए परियोजना लागत का 2.5% शुल्क लिया जाएगा। परामर्श शुल्क (कंसल्टेंसी फीस) का भुगतान परियोजना डेवलपर को करना होगा।
  2. ट्रांसमिशन लाइन के मालिक, यानी पावरग्रिड द्वारा स्वयं ट्रांसमिशन लाइन का डायवर्जन। इसके लिए 15% परामर्श शुल्क (कंसल्टेंसी फीस) लगेगा, जिसका भुगतान परियोजना डेवलपर को करना होगा।

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