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पावरग्रिड ने सूचीबद्धता करार के खण्ड 36 के मामले में 3.875% प्रतिवर्ष की कूपन दर पर दस साल के नोट के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में अपने प्रथम निर्गम के तहत 500 मिलियन अमरीकी डॉलर यानी लगभग 2700 करोड़ रुपए का एक ऐतिहासिक लेन - देन किया है। इस नोट को सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा। वर्ष 2013 में किसी भी भारतीय कारपोरेट द्वारा जारी किया प्रथम अंतरराष्ट्रीय बांड होने के कारण यह एक बेंचमार्क बांड है। इस बांड के लिए ऑर्डर बुक 9.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था जो आश्चर्यजनक रूप से बांड के 19 गुणा ओवर सब्सक्रिप्शन को दर्शाता है और किसी भी भारतीय बांड के लिए सबसे ज्यादा है। इस बांड से प्राप्त राशि का उपयोग पावरग्रिड के पूंजी निवेश कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा।
पावरग्रिड ने अपनी रेटिंग स्टैंडर्ड एंड पूअर्स रेटिंग सर्विस और फिच रेटिंग से करवाई थी। स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने (7 जनवरी, 2013 को) कंपनी को ‘BBB’ के रूप में नकारात्मक कॉरपोरेट क्रेडिट रेटिंग और वरिष्ठ असुरक्षित लिए भी ‘BBB’ की रेटिंग दी थी। इसी तरह फिच रेटिंग ने भी (8 जनवरी, 2013 को ) 'BBB' के साथ 'नकारात्मक' दृष्टिकोण दिया था।
पावरग्रिड, भारत की केन्द्रीय पारेषण उपयोगिता जो कि विश्व की तीसरी सबसे बडी पारेषण कंपनी भी है ने वर्ष 2012 में भारत में उत्पादित 50 प्रतिशत विद्युत का वहन किया था। भारत सरकार के स्वामित्व वाली इस नवरत्न कंपनी में जारी किए गए और कुल इक्विटी शेयर पूंजी में से 69.42 प्रतिशत शेयर सरकार द्वारा धारित हैं।